
नई दिल्ली। मोहम्मद सिराज की 15 फरवरी की योजना बिल्कुल साधारण थी, रियल मैड्रिड का मैच देखना और घर पर परिवार के साथ समय बिताना। लेकिन अचानक कप्तान सूर्यकुमार यादव का फोन आया और उनकी पूरी किस्मत बदल गई। टी20 वर्ल्ड कप में पहले हर्षित राणा चोटिल हो गए, और सिराज को उनकी जगह टीम में बुलाया गया।
यूएसए के खिलाफ पहले मैच में सिराज ने चार ओवर में 3 विकेट लेकर केवल 29 रन दिए। जसप्रीत बुमराह के बीमार होने के कारण सिराज सीधे प्लेइंग XI में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने भारत के लिए आखिरी बार टी20 2024 में खेला था।
मोहम्मद सिराज ने मैच के बाद कहा, मेरा प्लान था कि 15 तारीख को रियल मैड्रिड का मैच देखूं और रमजान की तैयारी करूं। लेकिन भगवान ने मेरी किस्मत बदल दी। मैच से दो दिन पहले सूर्या भाई का कॉल आया—उन्होंने कहा, 'मिया, तैयार हो जाओ…बैग पैक करो और आ जाओ।' मैंने कहा, 'मजाक मत करो', लेकिन उन्होंने बताया कि वह सच कह रहे हैं। यह मेरे लिए चौंकाने वाला और अविश्वसनीय पल था।
सिराज ने आगे बताया कि टीम के साथ प्लेन में बैठना "एक सपने जैसा" था क्योंकि उन्हें लगा था कि पिछले एक साल में उन्हें इस फॉर्मेट में खेलने का मौका नहीं मिलेगा।
यूएसए के खिलाफ अपने प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा, मैंने उसी लाइन और लेंथ पर बॉलिंग की जो रणजी ट्रॉफी में कर रहा था। नई गेंद पर टिके रहना और विकेट टू विकेट बॉलिंग करना मेरा प्लान था। उसी रणनीति के जरिए मुझे टीम के लिए महत्वपूर्ण विकेट मिले।सिराज की यह कहानी बताती है कि कैसे अचानक मिलने वाले मौके और सही तैयारी मिलकर खिलाड़ी की किस्मत बदल सकते हैं।