
नई दिल्ली । भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के दो दिग्गज कलाकार कंगना रनौत और प्रकाश राज एक बार फिर आमने-सामने हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब दिग्गज संगीतकार एआर रहमान ने एक इंटरव्यू में अपनी फिल्म 'छावा' और इंडस्ट्री में मिल रहे काम को लेकर कुछ बेबाक टिप्पणियां की थीं। रहमान के इसी बयान पर पलटवार करते हुए कंगना रनौत ने उन्हें 'एंटी-नेशनल' करार दिया था जिस पर अब प्रकाश राज ने बेहद तल्ख टिप्पणी की है।
प्रकाश राज का कड़ा प्रहार प्रकाश राज ने एआर रहमान का बचाव करते हुए कहा कि रहमान जैसे कलाकार जिन्होंने 'मां तुझे सलाम' और 'जय हो' जैसे गीतों से देश का मान बढ़ाया और दो ऑस्कर जीते वह काम के लिए भीख नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने जो कहा वह सच है। कंगना पर निशाना साधते हुए प्रकाश राज ने कहा कि इस मुद्दे पर लोगों का भौंकना शुरू हो गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक महिला निर्देशक और अभिनेत्री महज इसलिए किसी को 'एंटी-नेशनल' कह रही हैं क्योंकि उस संगीतकार ने उनके साथ काम करने से मना कर दिया। प्रकाश राज यहीं नहीं रुके उन्होंने कंगना की फिल्म 'इमरजेंसी' को एक प्रोपेगेंडा मूवी करार दिया।
कंगना और रहमान के बीच क्या था विवाद? दरअसल एआर रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें उनके धर्म की वजह से इंडस्ट्री में भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें पर्याप्त काम नहीं मिल रहा है। इस पर कंगना ने सोशल मीडिया पर भड़ास निकालते हुए लिखा था कि वह रहमान को अपनी फिल्म 'इमरजेंसी' की कहानी सुनाना चाहती थीं लेकिन रहमान उनसे मिले तक नहीं। कंगना ने आरोप लगाया कि रहमान ने उनकी फिल्म को 'प्रोपेगेंडा' कहकर ठुकरा दिया था। कंगना ने लिखा कि रहमान जी मैंने आपसे ज्यादा नफरत से भरा इंसान आज तक नहीं देखा।
सियासी रंग लेता विवाद प्रकाश राज ने कंगना के दावों को खारिज करते हुए कहा कि रहमान का अपना एक कद है और किसी फिल्म का हिस्सा न बनने का मतलब यह नहीं है कि कोई देशद्रोही हो गया। प्रकाश राज के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक तरफ कंगना के समर्थक उन्हें राष्ट्रवादी बता रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रकाश राज के समर्थक इसे अभिव्यक्ति की आजादी और कलाकार के सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर न तो एआर रहमान की कोई नई प्रतिक्रिया आई है और न ही कंगना ने प्रकाश राज के 'भौंकने' वाले बयान पर कोई जवाब दिया है।