
नई दिल्ली । मुंबई टाटा मोटर्स को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में बड़ा झटका लगा कंपनी को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 3,486 करोड़ रुपए का कॉन्सोलिडेटेड घाटा हुआ जबकि पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा 5,406 करोड़ था कमजोर नतीजों का मुख्य कारण कंपनी की लग्जरी कार यूनिट जगुआर लैंड रोवर पर साइबर अटैक और चीन के बाजार में आई सुस्ती रही
कंपनी का कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 26 प्रतिशत घटकर 70,108 करोड़ रुपए रह गया पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 94,738 करोड़ था JLR के संचालन पर साइबर हमले का सीधा असर पड़ा जिससे प्रोडक्शन सप्लाई चेन और बिक्री प्रभावित हुई
JLR का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा इस तिमाही में इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 39 प्रतिशत गिरकर करीब 55,000 करोड़ रुपए रह गया टैक्स से पहले JLR को लगभग 3,800 करोड़ का घाटा हुआ साइबर अटैक के कारण कुछ समय के लिए डिजिटल सिस्टम बाधित रहे जिससे ऑर्डर प्रोसेसिंग और डिलीवरी प्रभावित हुई चीन में सुस्ती और पुराने मॉडल्स का चरणबद्ध बंद होना बिक्री वॉल्यूम पर दबाव डाल रहा है अमेरिका में बढ़े हुए आयात शुल्क ने भी लागत और मुनाफे पर असर डाला
घरेलू कारोबार ने कंपनी को राहत दी भारतीय पैसेंजर और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में बिक्री 22 प्रतिशत बढ़कर 1.71 लाख यूनिट रही GST दरों में कटौती नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और EV सेगमेंट में बढ़ती मांग ने घरेलू बाजार को मजबूत कियाCFO धीमन गुप्ता ने कहा कि यह तिमाही अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण रही जैसा कि साइबर अटैक के कारण अनुमान था घरेलू बिजनेस में सुधार के संकेत मिले हैं और चौथी तिमाही में JLR के ऑपरेशंस सामान्य होने से प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है
कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह घाटा कॉन्सोलिडेटेड आधार पर है जिसमें 100 से अधिक सब्सिडियरी और एसोसिएट कंपनियों के नतीजे शामिल हैं JLR जैसे अंतरराष्ट्रीय बिजनेस का प्रदर्शन सीधे समेकित नतीजों को प्रभावित करता हैविशेषज्ञों का मानना है कि साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में मांग को पटरी पर लाना टाटा मोटर्स के लिए आने वाली तिमाहियों में अहम चुनौती रहेगा